टीपू सुल्तान: मैसूर का शेर और उसका अमर संघर्ष
प्रस्तावना: इतिहास का एक जटिल और वीर नायक 18वीं शताब्दी के अंत में, जब भारत में मुगल साम्राज्य का सूर्य अस्त हो रहा था और यूरोपीय शक्तियाँ अपना जाल फैला…
प्रस्तावना: इतिहास का एक जटिल और वीर नायक 18वीं शताब्दी के अंत में, जब भारत में मुगल साम्राज्य का सूर्य अस्त हो रहा था और यूरोपीय शक्तियाँ अपना जाल फैला…
प्रस्तावना: एक ऐसा शासक जिसने इतिहास की धारा बदल दी 18वीं शताब्दी का भारतीय उपमहाद्वीप उथल-पुथल और बदलाव का दौर था। मुग़ल साम्राज्य का पतन हो रहा था, और उसकी…
नमस्कार, इतिहास प्रेमियों! Hindi Indian के इस विशेष लेख में आपका स्वागत है। आज हम भारतीय इतिहास के एक ऐसे चरण में पहुँच रहे हैं, जहाँ एक साम्राज्य की नींव…
आज हम बात करेंगे चामराजा वोडेयार षष्ठम् (Chamaraja Wodeyar VI) की, जो मैसूर के वोडेयार राजवंश के दसवें और इस श्रृंखला में हमारे दसवें शासक थे। उनका शासनकाल (1617-1637 ई.)…
प्रस्तावना: अशांति के बादलों के बीच सिंहासन पर बैठना मैसूर के वोडेयार राजवंश का इतिहास उतार-चढ़ाव से भरा है। कुछ शासकों ने राज्य को शिखर पर पहुँचाया, तो कुछ ने…
प्रस्तावना: एक विशेष चुनौती और मैसूर की निरंतरता मैसूर के वोडेयार राजवंश के इतिहास में कुछ शासक अपनी वीरता और विस्तारवादी नीतियों के लिए याद किए जाते हैं, जैसे कंथीरव…
प्रस्तावना: एक परिवर्तनकारी शासक का आगमन दक्षिण भारत के इतिहास में मैसूर का वोडेयार राजवंश एक ऐसा नाम है जिसने लगभग छह शताब्दियों तक इस क्षेत्र पर शासन किया। इस…
प्रस्तावना: एक परिवर्तनकारी युग का शासक भारत के दक्षिणी भूभाग का मध्यकालीन काल एक ऐसा दौर था जब पुराने साम्राज्य ढह रहे थे और नए क्षेत्रीय राज्य अपनी शक्ति स्थापित…
प्रस्तावना: एक संकटग्रस्त राज्य से साम्राज्य का निर्माता दक्षिण भारत के मध्यकालीन काल का इतिहास अक्सर उन शासकों की गाथाओं से भरा है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में न केवल अपने…
प्रस्तावना: एक उथल-पुथल के दौर में सिंहासन संभालना दक्षिण भारत के इतिहास में मैसूर का वोडेयार राजवंश एक ऐसी धरोहर है जिसने लगभग छह शताब्दियों तक इस क्षेत्र पर शासन…