देवपाल: पाल वंश का स्वर्ण युग शासक (Devapala – A Glorious Ruler of Pala Dynasty)
भारत के मध्यकालीन इतिहास में पाल वंश (Pala Dynasty) का विशेष स्थान रहा है। इस वंश के शासकों ने न केवल भारत के पूर्वी हिस्सों पर अपना प्रभुत्व स्थापित किया…
भारत के मध्यकालीन इतिहास में पाल वंश (Pala Dynasty) का विशेष स्थान रहा है। इस वंश के शासकों ने न केवल भारत के पूर्वी हिस्सों पर अपना प्रभुत्व स्थापित किया…
भारत के इतिहास में पाल वंश (Pala Dynasty) का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। इस वंश के द्वितीय शासक धर्मपाल (Dharmapala) ने न केवल अपने राज्य को विस्तारित किया, बल्कि शिक्षा,…
भारत के प्राचीन काल और मध्यकाल के संक्रमण काल में बंगाल और बिहार में अराजकता फैली हुई थी। इसी काल में एक योग्य और न्यायप्रिय शासक के रूप में उभरे…
भारत के मध्यकालीन इतिहास में पाल वंश (Pala Dynasty) का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह वंश मुख्यतः बंगाल, बिहार और असम के कुछ भागों पर शासन करता था और इसका…
भारत के इतिहास में चोल वंश (Chola Dynasty) का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रहा है। चोल वंश की सत्ता का विस्तार प्रारंभिक काल (Early Cholas) से लेकर मध्यकालीन भारत तक फैला…
भारतीय इतिहास के मध्यकाल में चोल वंश (Medieval Cholas) का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। चोलों का यह युग न केवल दक्षिण भारत में शक्ति, प्रशासन और कला का प्रतीक…
भारत के प्राचीन इतिहास में चोल वंश का नाम विशेष महत्त्व रखता है। यद्यपि चोलों की स्वर्णिम गाथा ‘राजराज चोल’ और ‘राजेन्द्र चोल’ के समय चरम पर पहुँची, लेकिन उसकी…
चोल (तमिल: சோழர்) प्राचीन और मध्यकालीन भारत का एक प्रमुख राजवंश था, जिसने दक्षिण भारत में 9वीं सदी से 13वीं सदी के बीच अपना शासन स्थापित कर एक अत्यंत शक्तिशाली…
भारतीय उपमहाद्वीप के मध्यकालीन इतिहास में राष्ट्रकूट वंश (Rashtrakuta Dynasty) का एक महत्वपूर्ण स्थान है। प्रारंभिक राष्ट्रकूट शासकों के पश्चात इम्पीरियल राष्ट्रकूटों ने लगभग 8वीं से 10वीं शताब्दी के मध्य…
भारत के मध्यकालीन इतिहास में राष्ट्रकूट वंश (Rashtrakuta Dynasty) एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हालांकि अधिकांश इतिहासकार राष्ट्रकूटों को सम्राट ध्रुव या गोविंदा III के शासनकाल से जोड़ते हैं,…